नौनिहालों की जान से खुल्लम-खुल्ला खिलवाड़
यलगार टाइम्स
हरदा- जिले के टिमरनी नगर पंचायत अंतर्गत 19 आंगनबाड़ी केंद्रों में इल्ली युक्त दाल परोसे जाने का सनसनी खुलासा हुआ है। हालांकि कार्यकर्ताओं की सूझबूझ से प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और बिना किसी अप्रिय घटना के ही मध्यान्ह भोजन के वितरण को रोक दिया गया जिसके चलते एक बड़ी अप्रिय घटना टल गई ।19 केंद्रों के करीब 1000 बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बना था जिसे मां रेवा स्व- सहायता समूह द्वारा मध्यान्ह भोजन बनाया गया था। एसडीएम के सख्त रवैया से नायब तहसीलदार पटवारी एवं अन्य जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे और परीक्षण में इल्ली पाई। फिर भी आज दिनांक तक न तो समूह को निरस्त किया गया और ना ही अन्य कार्यवाही की गई ।जबकि इसके पूर्व भी समूह द्वारा गुणवत्ता विहीन मध्यान्ह भोजन का वितरण किया गया था जिस का मामला उजागर हुआ किंतु कार्यवाही के पहले ही जांच मामले को दबा दिया गया जिसके कारण स्व-सहायता समूह को अभय दान मिल गया था
समूह के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने से जाहिर हो रहा है समूह के पीछे किसी बड़े अधिकारियों का हाथ है इसलिए जांच को दबाकर बाद में अभयदान दे दिया जाता है। बच्चों की जान से खिलवाड़ करना जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है इस अपराध के लिए समूह को बार बार माफ कर दिया जाता है।
कुछ समय पूर्व भी टिमरनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने पूर्व कलेक्टर श्रीकांत बनोठ से शिकायत की थी कि उन्हें जो मठरी और लड्डू नाश्ते में बच्चों को देने के लिए दिए जा रहे हैं उनमें से दुर्गंध आती है तो कलेक्टर ने तत्काल वह नाश्ता रुकवा दिया था।
मुनाफाखोरी की चाहत में नौनिहाल की जान से खिलवाड़ ,,,,,,
समूह द्वारा घटिया सामग्री खरीदकर नौनिहालों की जान की परवाह किए बिना खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। भारी भरकम राशि गेहूं चावल आदि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। इसके बाद भी मध्यान्ह भोजन में गुणवत्ता नहीं आ रही है। लोगों का दावा है कि समूह की निष्पक्षता से जांच की जाएगी तो समूह के अंदर अंदरूनी रूप से संरक्षण प्रदान कर रहे अधिकारियों के चेहरे बेनकाब हो जाएंगे साथ में इन अधिकारियों की लापरवाही पूर्ण रवैया उजागर हो जाएंगे जो समूह से सांठगांठ कर उन्हें संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। अभी तक कार्रवाई नहीं होने से लोगों के दिलों दिमाग में तरह तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं जो अत्यंत चिंता जनक है।
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