ग्रामीण स्कूलो में हो रही चोरियां, अधिकारी कब जागेंगे कुंभकर्णी नींद से

आए दिन गांबो के सरकारी भबनो में हो रही चोरियां स्कूलों में चोरी की घटनाओं पर खामोशी का माहौल हरदा- जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाएं असुरक्षा के माहौल में संचालित है। आए दिन चोरी की घटनाएं देखने व सुनने को मिलती है। फिर भी शालाओं की सुरक्षा देखने के लिए चौकीदार की व्यवस्था करने की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है। जिससे ना केवल शासन को सालाना लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है अपितु शैक्षणिक व्यवस्था पर भी उसका बुरा असर पड़ रहा है। शालाओं में मध्यान्ह भोजन का क्रियान्वयन किया जा रहा है। रसोई गैस सिलेंडर से लेकर बर्तन अनाज आदि सामग्रियों को रखते हैं। अधिकांश शालाओं में हेड स्टार्ट की सुविधा है। वहां कंप्यूटर भी रखे जाते हैं स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू की गई है। जिसके तहत बेशकीमती LED कंप्यूटर लैपटॉप आदि उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे बेशकीमती उपकरण असुरक्षित माहौल में स्कूल में रखे रहते हैं आये दिन कहीं ना कहीं से ताला तोड़कर कंप्यूटर से लेकर बेशकीमती सामान चोरी होते रहते हैं ।आमतौर अधिकांश शासकीय शालाएं बस्तियों से दूर बनी है। ऐसी स्थिति में सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। ताला तोड़ने की घटनाओं के बाद भी सुरक्षा के उपाय नहीं किए जा रहे हैं। पंचायतों में चौकीदार की पदस्थापना तो की गई है किंतु उन्हें स्कूलों की जवाबदारी नहीं दिए जाने से देखरेख नहीं करते हैं। शालाओं में अलग से ऐसा कोई फंड नहीं रहता है जिससे चौकीदार की नियुक्ति की जा सके। आऐ दिन हो रही चोरी की घटनाओं की जिम्मेदारी से सभी मुखर रहे हैं। पुलिस भी अपनी जिम्मेदारी से यह कह कर पल्ला झाड़ लेती है कि सुनसान में बिना चौकीदार के शाला भवन में चोरी होना स्वभाविक है। चोरी का ग्राफ बढ़ने के कारण पुलिस भी सहजता से रिपोर्ट लिखती ही नहीं। आए दिन हो रही चोरी की घटनाओं के मद्देनजर जवाबदेह कारणों पर विचार मंथन कर इसका स्थाई समाधान खोजना अब समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है। जिला पंचायत व जनपद के अधिकारी पंचायत स्तर पर नियुक्त चौकीदार शाला भवन देखने की भी जिम्मेदारी देंगे तो निसंदेह स्कूलों में बेश कीमती सामान चोरी होने से बच जाएंगे। जिले के सारे थानों में चोरी की घटनाओं की तादात पर नजर दौड़ाई जाए तो संभवत स्कूलों में ही सर्वाधिक चोरी होने का चौंकाने वाले मामले सामने आ जाएंगे। कंप्यूटरों के चोरी होने से जिले के सारे हेड स्टार्ट केंद्र बंद पड़े हैं। सभी मुद्दों पर विचार विमर्श कर स्थाई समाधान खोजना जरूरी हो गया है अन्यथा आगामी दिनों में स्थिति और खराब हो जाएगी।

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