गरीबी रेखा का मजा ले रहे धन्नासेठ

धन्नासेठ नहीं कटबा रहे गरीबी रेखा से नाम -
 पूर्व कलेक्टर श्रीकांत बनोठ के आदेश की अवहेलना
हरदा -जिले में करीब 70 फ़ीसदी धन्नासेठ गरीब बनकर योजनाओं का लाभ ले रहे हैं ।इस सनसनी खुलासा होने पर गत अप्रैल माह में तत्कालीन कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने 31 मई तक स्वेच्छा से गरीबी रेखा सूची से नाम कटवाने का अल्टीमेटम दिया जिसकी समय-सीमा बीते 4 माह से अधिक का समय व्यतीत हो गया अभी तक कोई कार्यवाही नहीं शुरू की गई है। जिले की एकमात्र टिमरनी नगर पंचायत से मात्र 45 हितग्राहियों ने स्वेच्छा  से नाम कटवाया है। नगर पालिका हरदा सहित खिरकिया नगर पंचायत और जनपद पंचायत 100 से अधिक पंचायतों में से एक भी फर्जी गरीब ने नाम नहीं कटवाया है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि जिले में 7386 अंत्योदय कार्ड धारी हैं जिसमें आधे से अधिक अपात्र हैं ।और जो पात्र हैं उनका नाम लाख कोशिश के बाद भी नहीं जोड़ पा रहा है। जिलेभर में अन्य प्रकार के कार्ड धारियों की संख्या 65616 है।जिन्हें  खाद्यान्न मिलता है। लौहपुरुष सर्वे टीम ने दावा किया है कि यदि जांच पड़ताल में पूरी पारदर्शिता बरती जाये तो निसंदेह 70 प्रतिशत फर्जी नाम मिलेंगे ।सरपंच सचिव जवाबदेह अधिकारी विरोध और शिकायत के भय से नाम कटवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अप्रैल माह में तत्कालीन जिला कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने 31 मई तक नाम न कटवाने वाले फर्जी गरीबों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया था। उनका तबादला हो जाने के बाद इस फाइल को ठंडे बिस्तर में कैद कर दिया गया। नवागत कलेक्टर अनय द्विवेदी को वास्तविकता से अवगत कराकर महिम नहीं चलाई जा रही है जिसके कारण अपात्र खुलेआम योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।

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