नासूर बन गया भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी बनी आम बात,- अधिकारी ही बचाते हैं अधिकारियों को
दोस्तों वर्तमान में एक भी दिन ऐसा नहीं जाता कि आपको अखबार सोशल मीडिया Facebook WhatsApp के माध्यम से ऐसी न्यूज़ देखने और सुनने को ना मिलती हो जिसमें कोई अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त ना हो ।सबसे बड़ा विचारणीय प्रश्न आमजन के सामने यह खड़ा होता है कि जब भ्रष्टाचार हो रहा है उसका खुलासा होता है सबुते जगजाहिर हो जाते है।तो कार्रवाई क्यों नहीं होती है। अधिकांश मामलों में जांच बैठाई जाती है और जांच में उन सदस्यों अधिकारियों को लिया जाता है जिन पर पहले से ही आरोप लगे हुए हैं अब वह अधिकारी कैसे जांच करेंगे जो खुद ही भ्रष्टाचार रिश्वतखोरी में लिप्त हो यही हाल रहा तो आमजन का प्रशासन पर से धीरे-धीरे विश्वास पूर्ण रूप से उठ जाएगा और हकीकत देखा जाए तो ना भ्रष्टाचारियों रिश्वतखोरों को प्रशासन का डर हैं और ना ही आम जनता को यह विश्वास है कि अगर वह कोई शिकायत करते हैं तो भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही की जाएगी सभी यह जानते है एक जांच दल बिठाया जाएगा बरसो उस पर जांच चलती रहेगा और मामला ठंडे बस्ते में चला जायेगा। आमला दबा दिया जाएगा। बोलो सत्यनारायण भगवान की जय भाइयों कथा खत्म हो
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