केन्द्र सरकार ने अप्रशिक्षित शिक्षकों को दिया सुनहरा अवसर २०१९ तक प्रशिक्षित शिक्षक ही पढायेगें स्कूलों मेंं
mukeshdubeyele@gmail.com हरदा। केन्द्र सरकार ने अप्रशिक्षित शिक्षको प्रशिक्षित करने के लिए एक सुनहरा अवसर उलब्ध करा रही है। इसके तहत डीएलएड कराने के लिए तारीख बढा दी गई है। अब ३० सितम्बर तक १२ वी ५० प्रतिशत से उत्तीर्ण बेरोजगार व शिक्षक आंनलाइन आवेदन करके प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते है। जहां एक ओर निजी संस्थाओं द्वारा इस प्रशिक्षण के नाम पर भारी भरकम राशि वसूली जाती है। वही दूसरी ओर सरकार ने मात्र 4500 की मामूली फीस पर डिग्री देने का फैसला किया है। इसकी पढाई डीटीएच के माध्यम से की जायेगी। प्रत्येक दिन में तीन बार प्रसारण आयेगा। सुविधानुसार अभ्यर्थी समयानुसार प्रसारण देखकर दक्षता हासिल कर सकते है। सरकार ने २०१९ तक सभी शिक्षको को प्रशिक्षित करने लक्ष्य बनाया है। इसके तहत पूरे देश के करीब ११ लाख अप्रशिक्षित शिक्षको को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य संजोया है। इसके तहत व्यापक स्तर पर तैयारी चल रही है। आगामी नवंबर माह से पढाई शुरू हो जायेगी। निजी संस्थाओं द्वारा की जा रही लूट खसोट- डी एड कराने के लिए निजी संस्थाओं द्वारा लूट खसोट किया जा रहा है। दो सालों में करीब ८०००० से अधिक फीस लेने के अलावा तरह-तरह सुविधाओं के नाम पर शुल्क लिया जाता है। डी एड का प्रशिक्षण पूरा होने में करीब डेढ लाख रूपये तक खर्च हो जाता है। भारी भरकम फीस और समय को देखते हुये सरकार ने कम फीस पर निर्धारित समय सीमा में डी एल एड कराने का लक्ष्य तय कर उसके अनुसार कार्य करना शुरू कर दिया है। बिना डिग्री वाले अब नही पढायेगे स्कूलों में- २०१९ के बाद अब सरकारी व निजी किसी भी शिक्षण संस्था में डी एड एवं बी एड प्रशिक्षित ही पढा पायेगे। इसके लिए पूरा मसौदा तैयार करके नीति तैयार कर ली है। इसके तहत व्यापक स्तर पर डी एल एड पाठयक्रम शुरू किया गया है। गरीब बेरोजगार व शिक्षक अब आसानी से अपनी व्यासायिक दक्षता को बढा सकते है। अधिकांश शिक्षक चाह कर भी डी एड नही कर पाते थे क्योकि भारी भरकम फीश ली जाती है। फीस देने में सक्षम नही होने के कारण लाख कोशिश के बाद भी डी एड नही कर पा रहे है। सरकार के इस प्रयास से अब २०१९ तक तकरीबन सभी शिक्षक प्रशिक्षित हो जायेगे। प्रशिक्षित शिक्षको के शिक्षण से सुधरेगा का शिक्षा का स्तर- प्रशिक्षित शिक्षको के शिक्षण से शिक्षा का स्तर न केवल सुधरेगा अपितु साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने और बच्चों उज्जवल भविष्य के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। इसका गरीब शिक्षको को मिलने के साथ-साथ बच्चों को मिलेगा। बच्चे अच्छेे पढाई करके अपने भविष्य को उज्जवल बना सकते है।
Comments