दुर्घटना को न्यौता दे रहे खुले ट्रांसफार्मर

mukeshdubeyele@gmail.com हरदा। जिला मुख्यालय में दिया तले अंधेर वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। विजली विभाग के अधिकारियों के आंख के सामने खुले ट्रासफार्मर दुर्घटना को न्यौता दे रहे है फिर भी वे हाथ पर हाथ क्यों बैठे है यह बात लोगो के गले नही उतर रही है, जबकि सब्जी बाजार के पास खुले ट्रासफार्मर की चपेट में आने एक गो माता मरत-मरते बची। इसके पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है फिर भी खुले ट्रासफार्मर को व्यवस्थित करने की दिशा में कोई पहल नही की जा रही है। जिससे दुर्घटना की आशंका हर समय बनी रहती है। जिले में ऐसी स्थिति है। जहां पर सभी अधिकारी मौजूद रहते है। देहात के  ट्रासफार्मरो की क्या हालात होगी इसका अंदाजा सहज तरीके से लगाया जा सकता है। देहात के ट्रासफार्मरों का कोई माई बाप नही रहता है। बदहाल हालात में अव्यवस्थित पडे है जिसकी चपेट में आने बेजुबान जानवरो की अकाल मौत की घटनाएं होती रहती है फिर भी इस तरफ ध्यान नही दिया जाता है। ट्रासफार्मर के तार बिखरे पडे रहते है। लोग तो सावधानी से बचने का प्रयास करते है किन्तु जानवर ऐसा नही कर पाने के कारण चपेट में आ जाते है। बरसात के दिनों में ऐसे टांसफार्मर ज्यादा संवेदनशील होते है।   टांसफार्मरों के रख रखाव व उसे सहेजने में अधिकारी दिलचस्पी नही दिखा रहे है जिसके कारण अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। इस मामले को गंभीरता से नही लेने के पीछे कारण क्या है। यह लोगो के समझ में नही आ रहा है। मीटर लगाकर भारी भरकम बिल तो वसूला जा रहा है, किन्तु व्यवस्थित तरीके से बिजली सप्लाई की व्यवस्था नही सुनिश्चित की जा रही है। ढीलें तारों को सहेजने में मनमानी- बिजली ढीले तारो को सहेजने में मनमानी की जा रही है। तारो को कसने और आडे-टेढे पोलो को दुरूस्त करने की दिशा मे कोई पहल नही की जा रही है। जिसके कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बारीश के दिनों में और आंधी तूफान के दौरान पोलो एवं ढीले तारो से दुर्घटनाएं होती रहती है फिर भी इस तरफ ध्यान नही दिया जाता है। जिले टिमरनी खिरकिया एवं हरदा के ग्रामीण अंचल में ऐसी वारदातों की लंबी फेहरिश्त है आंकडे इकठ्ठा किये जाये तो चौकाने वाले मामले सामने आ जायेगे। ऐसी स्थिति बनी हुई है फिर भी तारो एवं पोलो को दुरूस्त कर दुर्घटना की आशंका खत्म करने की दिशा में पुरजोर प्रयास नही किया जा रहा है जिले के जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने अधीनस्थ अधिकारियों कर्मचारियों पर रहमदिली दिखा रहे है जिसके कारण उन पर कोई कार्यवाही नही हो पा रही है।

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