21वीं सदी में 16बी सदी जैसा जीवन जीने को अभिशप्त बुनियादी सुविधा के लिए तरसते बार्डबासी-

हरदा- नगर पालिका हरदा अंतर्गत वार्ड क्रमांक 34 बड़ी नहर छिपानेर रोड तथा रेलवे कॉलोनी बारह बंगले की टूटी दीवार से निकला रास्ता जो पीलियाखाल की ओर जाता है। इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों के लिए 21 बी सदी में 16बी सदी जैसी सुविधा मिल रही है। 16बी सदी जैसा जीवन जी रहे हैं बारिश में इन बार्डो का समूचा संपर्क सड़क से टूट जाता है। बारिश में बच्चों को स्कूल जाने में मशक्कत करनी पड़ती है नगरपालिका में नए वार्ड जोड़ने के दौरान नगर पालिका में नए परशिशन के दौरान इन मोहल्ले को शामिल तो कर लिया गया किंतु मूलभूत सुविधाओं का अभी तक कोई इंतजाम नहीं किया गया। जबकि कुछ टैक्स जबरदस्ती वसूलने की कार्यवाही की जा रही है जिसका पार्षदों द्वारा जोरदार विरोध किया गया । सबसे आश्चर्य की बात यह है कि सीएम से लेकर सांसद मंत्री, कलेक्टर ,एसडीएम ,सीएमओ नगर पालिका अधिकारी , लोक सेवा केंद्र, मंगलवार जनसुनवाई तक में आवेदन देकर लोग सड़क पानी बिजली की सुविधा व्यवस्था करने की मांग कर चुके हैं। फिर भी इस दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही। चक्का जाम आंदोलन तक इन सुविधाओं को पाने के लिए किया जा चुका है किंतु नतीजा ढाक के तीन पात के सिवाय कुछ भी नहीं निकला। आश्वासन देकर गरीब भोले-भाले लोगों को छलने के सिवाय कुछ नहीं किया जाता।चुनाव के समय घड़ियाली आंसू बहाकर और तरह-तरह के आश्वासन देकर वोट तो लिया जाता है किंतु बाद में मुंह मोड़ लिया जाता है। नगरपालिका चुनाव के बाद प्राथमिकता के आधार पर सड़क पानी बिजली की सुविधा सुचारू रूप से करने का जो दावा किया गया था किंतु चुनाव के लंबे अंतराल के बाद भी लोगों की समस्या को देखा सुना नहीं जा रहा।बिजली सप्लाई में मनमानी से जहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है वहीं रात को मच्छरो के काटने के कारण चेन की नींद लोग सो नहीं पाते। गंदगी से मच्छरों का प्रकोप है। बारिश में कचरे के सड़ने से दुर्गंध और मच्छर फैलेंगे इस संभावनाओं को नजरअंदाज करते हुए अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों आंखों पर पट्टी बांधे गंधारी की भूमिका निभा रहे हैं। जिससे सड़क बिजली पानी जैसी ज्वलंत समस्या उन्हें नहीं दिख रही। जहां एक ओर नगर पालिका को हाईटेक करने का जोर शोर से प्रयास चल रहा है वहीं दूसरी ओर मोहल्ले और गलियों की दयनीय दशा को सुधारने का कोई पुरजोर प्रयास नहीं किया जा रहा। मोहल्ले के लोग विरोध प्रदर्शन मांग शिकायत के जितने तौर तरीके होते हैं सबको अपना चुके हैं फिर भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया जाता है। अब तो मोहल्ले वालों का सब पर से विश्वास उठ चुका है अब जो अधिकारी जनप्रतिनिधि आएंगे उनको जमकर खरी-खोटी मुंह पर ही सुनाने का निर्णय लिया है। कहा जाता है देर से न्याय मिलना न्याय ना मिलने के समान होता है। नगरपालिका के कुछ वार्ड की दशा ग्राम पंचायतों से भी बदतर हालत है बारिश में सड़क नालों का रुप ले लेते हैं जो दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। क्या कहते है जबाबदार जैसे हर साल बच्चे स्कूल जाते थे वैसे ही इस साल भी स्कूल जाएंगे। अगले वर्ष तक पक्की सड़क बन जाएगी। नगरपालिका अध्यक्ष सुरेंद्र जैन। क्या कहते हैं जबाबदार नगर पालिका के अधिकारियों से बात करके इस समस्या का निराकरण अति शीघ्र करवाते हैं विधायक आरके दोगने

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