कर्मचारियों की लापरवाही से जनसुनवाई में लगी भीड़ - जनता का जनसुनवाई से उठता जा रहा विश्वास

हरदा- मंगलवार जनसुनवाई में लगभग100से120 आवेदन आते है।इतने आवेदन आना भी एक गंभीर विषय बन गया है। जनसुनवाई का टाइम सिर्फ 2 घंटे( 120मिनिट )का होता है और आवेदन आए इतने ज्यादा ।गंभीर बिषय यह है कि एक आवेदन की समस्या का समाधान के लिए कलेक्टर महोदय कितना टाइम दे सकते हैं। यही वजह है कि एक ही समस्या के लिए पीड़ित को जनसुनवाई के बार बार चक्कर काटना पड़ता है। गरीबी रेखा का कार्ड नाली की सफाई बिजली का अधिक बिल राशन कार्ड से अनाज ना मिलना आदि ऐसी छोटी समस्या है जिन का निराकरण संबंधित विभाग के कर्मचारी अधिकारी कर सकते हैं किंतु उन की लापरवाही और काम चोरी की वजह से उनका कार्य का भी उत्तरदायित्व कलेक्टर महोदय निभा रहे हैं। छोटी समस्याओं के कारण बड़ी समस्याओं का निदान नहीं हो पाता है। अनेक आवेदन ऐसे आते हैं जिनमें जनहित शहर की खास समस्याएं विभागों के भ्रष्टाचार होते हैं किंतु टाइम की कमी के कारण आला अधिकारी ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते अधिकारियों को दिया जाए आर्थिक दंड - जिन विभागों से संबंधित समस्या अधिक आती है तथा एक ही समस्या का आवेदन बार बार आता है ।कलेक्टर महोदय के आदेश के बावजूद भी जो विभाग के अधिकारी समस्या का समाधान ना करके आदेश की अवहेलना करते हैं ।उनपर जबतक ठोस कार्यवाही नहीं होगी तब तक कुछ नहीं हो सकता। वो दिन भी दूर नहीं है जब जनसुनवाई में 300 से 400 आवेदन आएंगे और कलेक्टर महोदय को एक आवेदन के लिए सिर्फ 30 सेकेण्ड का ही टाइम मिल पाएगा।

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