वीरान हो चुके उद्यानों के प्रति बेरुखी क्यों- कब गुलजार होंगे शहर के उजड़े वीरान पार्क

हरदा- नगर पालिका हरदा अंतर्गत वृक्षारोपण महा अभियान के तहत पौधों का रोपण नहीं किया जा रहा है। यही वजह है कि 2 जुलाई को होने वाले वृक्षारोपण के लिए अभी तक कोई तैयारी नहीं शुरु की गई है। ना तो गड्ढे खोदे जा रहे हैं और ना ही इस संबंध में कोई कार्ययोजना बनाई गई है ।जवाबदेह जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों-कर्मचारियों वृक्षारोपण में रुचि क्यों नहीं दिखा रहे यह जांच का गंभीर विषय बन गया है। जहां एक ओर करीब 2 दर्जन से अधिक पार्क उद्यान विरान हो चुके हैं। वहीं दूसरी ओर सड़कों के किनारे कार्यालयों के आसपास वृक्षारोपण कर नगर की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाया जा सकता है। बावजूद इसके वृक्षारोपण के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखाकर प्रकृति प्रेमियों की आस्था को गहरी चोट पहुंचाया है। सबसे ताजुब की बात यह है कि नगर पालिका में 2 दर्जन से अधिक उद्यान बिरान उजड चुके हैं। उनकी दयनीय हालत और दुर्दशा को देखकर प्रकृति प्रेमियों की आंखों में आंसू आ जाते हैं ।उद्यानों को सजाने संवारने की दिशा में लंबे अरसे से कोई ठोस उपाय नहीं किया जा रहा है। जबकि इसकी आवश्यकता लंबे अरसे से महसूस की जा रही है। इसके बाद भी पार्को को सजाने संवारने में कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही ।वृक्षारोपण अभियान के दौरान शहरवासियों में उम्मीद जगी थी कि पार्कों की दुर्दशा में सुधार आएगा और वीरान हो चुके पार्क एक बार फिर से गुलजार हो जाएंगे। अधिकारियों-कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने कोई रुचि नहीं दिखाते हुए वृक्षारोपण अभियान की अनदेखी की इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं ।अब पार्कों में नहीं मिलेगा सुकून ----- भाग दौड़ भरी जिंदगी में सुकून पाने के लिए एक समय लोग सुबह शाम पार्क उद्यानों में जाया करते थे ।दो पल बैठ कर प्रकृति के अनुपम सौंदर्य का आनंद लेते थे। देखभाल के अभाव में पार्कों की हालत इतनी खराब हो गई कि वहां पर प्रकृति की सुंदरता का आनंद मिलना तो दूर रहा अब तेज धूप में छाया मिलना भी दुश्वार हो गया है ।पार्को को सहेजने संवारने में रुचि क्यों नहीं दिखाई जा रही यह एक जांच का गंभीर विषय बन गया है। छोटे छोटे पौधे व शोपीस वाले पौधे भी लगा दिए जाते तो पार्कों की रौनक को चार चांद लग सकता था। किंतु अभियान के दौरान इस ओर ध्यान न देकर जवाबदार प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ।अधिकारी उन्हें इस गलती के लिए भले ही माफ कर दे किंतु जनता जनार्दन और ईश्वर उन्हें कभी भी माफ नहीं करेगा। नाबागत कलेक्टर अनय द्विवेदी के आने से प्रकृति प्रेमियों में आशा की किरण जागी है कि श्री द्विवेदी वीरान हो चुके पार्को पर उनकी नजर जाएगी और बे निसंदेह इसके पुनरुद्धार ब जिणोद्धार के लिए कार्ययोजना बनवाकर उसे मूर्त रुप देने की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाएंगे ।अब देखना यह है कि प्रकृति प्रेमियों की उम्मीदों पर नवागत कलेक्टर कितने खरे उतरते हैं। क्या कहते है जवाबदार- कालोनियों में बगीचों में बिरजा खेड़ी हंडिया में सभी स्थानों पर पौधारोपण होगा लगभग 5000 पौधे लगाए जाएंगे ।सुरक्षा के लिए टीगार्ड लगाए जाएंगे। सीएमओ दिनेश मिश्रा नगर पालिका हरदा।

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