शराब माफिया को संरक्षण और छोटो पर कार्यवाही
मुकेश दुबे लौहपुरुष पेपर हरदा। जिले में अबैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए जिला कलेक्टर द्वारा अभिनव पहल की जा रही है। रोजाना कही न कही शराब पकडी जा रही है। छोटे-छोटे बिक्रेताओं को पकडकर कार्यवाही की जा रही है। जो शराब माफिया है। उन पर कार्यवाही क्यों नही की जा रही है। यह एक अहम सवाल बन गया है। शराब को चहुओंर पहुचा रहे शराब माफिया को क्यों बख्शा जा रहा है। यह अनुत्तरित प्रश्र बना हुआ है। यदि उन पर कार्यवाही हो जाये तो निश्चित रूप से छोटे-छोटे बिक्रेताओं तक शराब पहुंचेगी ही नही। और शराब की अबैध बिक्री को आसानी से रोका जा सकता है। शराब की बिक्री को रोकने की पहल अच्छी है और होना भी चाहिए। जिनको शराब की बिक्री करते हुये पकडा गया है उनके माध्यम से शराब माफिया का पता लगाया जा सकता है और उन पर बडी कार्यवाही आसानी से की जा सकती है फिर भी ऐसा नही करके कही न कही जिम्मेदार अधिकारी उन्हे संरक्षण प्रदान कर रहे है। यदि ऐसा नही होता तो निश्चित रूप से शराब माफिया का असरी चेहरा सामने आ जाता। जिले में राजस्व अधिकारियों द्वारा अब तक आबकारी एक्ट के तहत जितने लोगो के खिलाफ कार्यवाही की गयी है उनसे गहन पूछतांछ नही की जा रही है। जिसके कारण शराब माफिया का नाम सामने नही आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक जिले में कई शराब माफिया सक्रिय है जो गुपचुप तरीके से शराब की बिक्री को अंजाम दे रहे है। जो अपराधी किस्म के है। शायद इसी वजह से उनके खिलाफ कार्यवाही करने से अधिकारी कतरा रहे है। मामला चाहे जो हो किन्तु माफिया के खिलाफ कार्यवाही न कर छोटे बिक्रेताओं पर कार्यवाही की औपचारिकता पूरी करन की पहल लोगो के गले नही उतर रही है।
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