६३ लाख की लागत से बन रहा घटिया भवन बिना बोर्ड लगाये गुपचुप तरीके से हो रहा निर्माण

 हरदा- जिले के खिरकिया ब्लाक अंतर्गत मोरगढी-खुदिया मार्ग पर सुंदरपानी में सरकारी भवन निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग करने का मामला उजागर हुआ है। ६३ लाख की लागत से बन रहे इस विशालकाय बहुमंजिला भवन निर्माण में एजेंसी द्वारा जो औपचारिकता पूरी किये जाना था उसके बगैर निर्माण कार्य को तेजी से करवाया जा रहा है। शिकायत के बाद निर्माण कार्य का बोर्ड भी नही लगवाया गया। गुपचुप तरीके से दु्रत गति से चल रहे निर्माण कार्य में प्रयोग की जा रही सामग्री की परख के लिए प्रयोगशाला का निर्माण शासन की मंशा के अनुरूप किया जाना था किन्तु दुर्भाग्य की बात यह है कि करीब ५० फीसदी निर्माण कार्य हो जनाने के बाद भी अभी तक प्रयोगशाला का निर्माण नही करवाया गया है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान प्रयोग की गई सामग्री कितनी गुणवत्तायुक्त होगी इसका अंदाजा सहज तरीके से लगाया जा सकता है। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान मुकेश दुबे एवं सुनील लेखबानी ने इस सनसनीखेज भ्रष्टाचार का भण्डाफोड करते हुये इसकी उच्चस्तरीय जांच के साथ-साथ इसमें संलिप्त विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने की मांग की है। शिकायत के बाद काली रेत का उपयोग तो बंद करवा दिया गया किन्तु काली रेत से छत व दीवाल बनवा दी गयी उसका कुछ नही किया गया। दिखावटी तौर कुछेक दीवालो को गिराने के नाम पर मात्र औपचारिकता पूरी की गयी है। स्थानीय लोगो ने बताया कि छत डालने के दौरान प्राक्कलन के अनुरूप लोहा,गिट्टी,रेत और सीमेन्ट का इस्तेमाल नही किया गया है। जुडाई में भी सीमेन्ट की बचत की गयी है। जिस अनुपात में सीमेन्ट का इस्तेमाल किया जाना था उस अनुपात में नही किया गया। इससे भवन की मजबूती पर प्रश्रचिह्न लग रहा है। जो भविष्य में भयावह दुष्परिणाम का सबब बनेगा। शासन के नियमों को बलाये ताक पर रखकर निर्माण एजेंसी द्वारा निर्माण करवाया जा रहा है। बताया जाता है कि ठेकेदार भोपाल के है उनकी राजनीतिक पहुंच ऊपर तक है। इसलिए अधिकारी कार्यवाही करने से कतरा रहे है। इस चर्चा में कितनी सच्चाई है इसका पता तो जांच के बाद चलेगा बहरहाल बारंबार शिकायत के बाद भी ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही न होना इस तरह की कुशंकाओं को जन्म दे रहा है जो लाजिमी भी है। ठेकेदार को मिल रहा संरक्षण- ठेकेदार को पी आई यू लोक निर्माण विभाग के अधिकारी का संरक्षण मिलने की खबर है। इसका खुलासा अधिकारी के ढुलमुल रवैये से हुआ। शिकायत के बाद त्वरित जांच कार्यवाही कर कठोर कदम उठाने की बजाय टालमटोल वाला जबाव देकर जांच अधिकारी ने अपनी भूमिका को संदेह के दायरे में ला दिया है। जनसुनवाई में की गई शिकायत के बाद भी कार्यवाही नही हुई तो क्षेत्रीय विधायक के माध्यम के विधान सभा में प्रश्रोत्तर उठवाया जायेगा। जिसकी सारी जबावदारी संबधित अधिकारी की होगी।

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