अभिभावकों की सबसे बड़ी परेशानी
अभिभावकों की सबसे बड़ी परेशानी अपने बच्चों का एडमिशन किस प्राइवेट स्कूल में कराएं । नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही स्कूल वाले पूरे शहर में महिला शिक्षिकाओं को और पमप्लेंट बटबाकर कर अपने स्कूल की खूबियां बढ़ा चढ़ाकर लिखते हैं जनता को सब्जबाग दिखाकर ठगी करते हैं यदि हरदा शिक्षा विभाग एक आदेश जारी कर दें कि सभी प्राइवेट स्कूल बच्चों से ली जाने वाली फ़ीस, डोनेशन, फार्म फीस ,एग्जाम फीस ,पुस्तक काफी के सेट का रेट ,किन किन दुकानों पर मिलेगी,बीएड डीएड शिक्षकों की सूची, स्कूल में दी जाने वाली सुविधा, स्काउट, NCC आदि की सुविधा की सूची विभाग में जमा करें। विभाग उसे नोटिस बोर्ड पर लगा दें जिससे सभी अभिभावक एक ही स्थान पर स्कूलों की फीस, दी जा रही सुविधा देख सके और अपने बच्चों को एडमिशन मनपसंद स्कूल में करा सकें प्राइवेट स्कूलों के लिए ये हैं सख्त आदेश – नोटिस बोर्ड और वेबसाइट्स पर बताएं कि किस क्लास में कितने बच्चों के एडमिशन हुए और कितनी सीटे खाली हैं। – स्कूल संचालकों को फीस बढ़ाने के पहले बच्चों के पालक और प्रशासन की सहमति लेना होगी। आवश्यक कारण भी बताना होगा। – एक्स्ट्रा किताब और एक ही विषय की तीन किताबें नहीं चल सकेंगी। – पालक को कुछ खास दुकानों से किताबें, स्टेशनरी और ड्रेस खरीदने के लिए विवश नहीं कर पाएंगे। – कक्षावार फीस का स्ट्रक्चर ऑनलाइन करना होगा। सूचना पटल पर चस्पा भी करना होगा। यह काम प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले करना होगा। – स्कूल बसों में बच्चे की सुरक्षा, बस का मेंटेनेंस, परिवहन की पूरी जि मेदारी स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य की होगी। – आदेशों का पालन कराने की जि मेदारी शिक्षा अधिकारी के साथ ही क्षेत्र के एसडीएम को भी सौंपी गई है। – गणवेश व पाठ्यक्रम का नमूना स्कूल में लगाकर पहले ही स्पष्ट कर दें। बाधारहित वातावरण, शौचालय, पेयजल की व्यवस्था हो।
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