फिर शुरू हुआ रेत उत्खनन माँ नर्मदा को कर रहे छलनी
हंडिया-हंडिया तहसील अंतर्गत नर्मदा के कई घाटों पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। सुरजना, बकलातर, अजनई ऐसे कई घाट हैं, जहां बिना रोकटोक रेत निकाली जा रही है। यह तीनों खदानें शासकीय नहीं है। इसलिए आसपास के रसूखदार यहां से बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन कर रहे हैं। रेत माफिया पूरे दिन बड़ी नौकाओं से रेत निकाल रहे हैं। मजदूर पानी के अंदर से रेत निकालकर नौकाओं पर एकत्र कर किनारे पहुंचा रहे हैं। इसके बाद टै्रक्टर ट्रॉली, डंपर, ट्रक जैसे वाहनों से रेत विभिन्न शहरों तक पहुंचा रहे हैं। जीवों पर संकट : पानी से रेत निकालने पर जलीय जीवों पर भी संकट मंडराने लगा है। कई घाटों पर जलीय जीव मरते देखे जा सकते हैं। इसके बाद भी विभाग कार्रवाई करने से बच रहा है। मनमाने दाम पर बेच रहे रेत : चोरी की रेत भी मनमाने दाम पर बेची जा रही है। इससे रेत माफिया बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं। जनता और शासन को हो रहे नुकसान की चिंता खनिज विभाग को नहीं है। यही कारण है कि विभाग माफियाओं पर कार्रवाई करने से बच रहा है। विभाग सीधे तौर पर रेत माफियाओं को लाभ पहुंचाता दिख रहा है। बढ़ गया डूब का खतरा : नर्मदा किनारे गांवों में रहने वाले लोगों का कहना है कि नर्मदा में अवैध उत्खनन के चलते उनके गांवों में बारिश के दिनों में डूब का खतरा बढ़ गया है। नर्मदा किनारे गांवों में हर साल बारिश के दिनों में बाढ़ भराने का दायरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उन्होंने कई बार प्रशासन और खनिज विभाग को शिकायत की, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। इनका कहना है.. नर्मदा से रेत का अवैध उत्खनन करने वालों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। -एलएस बिछोतिया, नायब तहसीलदार
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