कुकुरमुत्ते की तरह गली मोहल्ले में खुले नर्सिंगहोम रेटलिस्ट छिपाकर मोटी रकम ऐंठ रहे मरीजों से पक्का बिल देने में करते आनाकानी

हरदा -जिले में निजी नर्सिंग होम की बाढ़ आ गई हर गली मोहल्ले में कुकुरमुत्ते की तरह निजी नर्सिंग होम खोल कर मरीजों के परिजनों को खुलेआम लूटा जा रहा है फिर भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है ।जहां एक ओर चिकित्सा सुविधा की रेट लिस्ट छिपाकर रखे हुए हैं वहीं दूसरी ओर शासन के अंतर्गत अनुमति नहीं लेकर शासनादेशों का उल्लंघन करने के साथ-साथ टैक्स के रूप में हजारों रुपयों का चूना लगाते हुए मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। अपशिष्ट प्रबंधन कि नहीं कोई व्यवस्था- अनेक निजी नर्सिंग होम में अपशिष्ट प्रबंधन की कोई व्यवस्था नहीं है जबकि इस संबंध में शासन का स्पष्ट आदेश है फिर भी कचरे का निपटारा नहीं करके चौतरफा गंदगी फैला रहे हैं जिससे कारण स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया गंदगी से मच्छर एवं बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा किसी को भी इसकी परवाह नहीं है । फायर ब्रिगेड पहुंचने की व्यवस्था नहीं - सुरक्षा के लिए लिहाज से निजी नर्सिंग होम तक फायर ब्रिगेड का पहुंचना अत्यंत आवश्यक है किंतु दुर्भाग्य की बात यह है कि गली मोहल्ले में बिना अनुमति के त्रिपाठी नर्सिंग होम जैसे दर्जनों क्लीनिक खुल गए हैं जो अगजनी की घटना होने पर उससे बचने का कोई इंतजाम नहीं है। फायर ब्रिगेड सकरी गली होने के कारण पहुंच नहीं सकता। बावजूद इसके विभाग द्वारा कैसे निजी नर्सिंग होम को खोलने की अनुमति दी गई यह जांच कर गंभीर विषय बन गया। मनमानी फीस ली जा रही गरीबो से- निजी नर्सिंग होम में मनमानी फ़ीस मरीजों से ली जा रही है गरीबों के खून पसीने की कमाई को बड़ी बेरहमी से लंबे समय से ऐंठा जा रहा है। गैर कानूनी तरीके से क्लीनिक संचालित होने के बाद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही जिसके परिणाम स्वरुप उनके हौसले बुलंद हैऔर बे मरीजों की जान की परवाह किए बिना पैसा लेकर चिकित्सा सेवा जैसे अहम् कार्य को बदनाम कर रहे हैं ।भगवान का स्वरूप माने जाने वाले डॉक्टर शैतान बनकर मरीजों की जान से पैसों के लिए खिलवाड़ कर रहे हैं।

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