बाल हृदय उपचार योजना के तहत मिस्त्री की बेटी को मिला जीवनदान,

हरदा- मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत एक 9 वर्षीय  कन्या को जीवनदान मिला है। इससे जहां गरीब माता पिता को असीम आनंद मिला है वही बालिका को सुनहरा व उज्जवल भविष्य मिला है। माता पिता और कन्या दोनों सुखद आनंद की अनुभूति कर रहे हैं।
यह कहानी है गाब बागरुल में एक मिस्त्री का काम कर जीवन यापन करने वाले संतोष को स्कूल में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जब यह मालूम हुआ कि लाडली बेटी प्रिया को हृदय में जन्मजात बीमारी एएसडी है तो वह बहुत चिंतित और परेशान हो गया। डॉक्टरों से पता किया तो मालूम हुआ कि ऑपरेशन ही एकमात्र चारा है जिसमें करीब 85 हजार रूपए का खर्च बताया। इलाज का खर्चा और बच्ची के स्वास्थ्य में तेजी से आ रही गिरावट को देखकर उसकी रातों की नींद दिन का चैन गायब हो गया। जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत आवेदन दिया ।आवेदन स्वीकृत हो गया और उसका ऑपरेशन भोपाल के अस्पताल में निशुल्क हो गया। यह योजना हमारी बेटी के लिए जीवनदान साबित हुई ।
14 जुलाई 2011 से चल रही इस योजना के तहत प्रदेश के साथ-साथ जिले के दर्जनों गरीबों के बच्चों को जीवनदान मिल चुका है। इस योजना के तहत 15 वर्ष तक के बच्चों का उपचार निशुल्क किया जाता है। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति सुद्रण नहीं है। उन परिवारों के बच्चों के इलाज के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित हो रही है।

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