बिना एंबुलेंस के अनेको नर्सिंग होम संचालित, इमरजेंसी में नही मिलती एम्बुलेंस सुबिधा।

हरदा -जिला मुख्यालय में बिना एंबुलेंस के अनेकों नर्सिंग होम के संचालित होने की खबर है। इसका खुलासा सीएमएचओ द्वारा किए गए सर्वे से हो चुका है। फिर भी उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। जबकि नर्सिंग होम के संचालन के लिए एंबुलेंस अनिवार्य सेवा है। बिना इसकी सुविधा के किस आधार पर परमिशन दे दिया गया है। यह यक्ष प्रश्न बन गया है। इसका उत्तर देने में जवाबदेह अधिकारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।
              इलाज के दौरान मरीजो की हालत नाजुक हो जाती है उन्हें रेफर करके सारी औपचारिकताओं को पूरी कर दिया जाता है। इंदौर भोपाल के अस्पतालों में भेजने की कोई व्यवस्था नहीं की जाती है। ऐसी नोबत सामने आए दिन आती रहती है फिर भी जिला प्रशासन द्वारा नर्सिंग होम के संचालकों पर दबाव बनाकर एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने की कोई पहल क्यों नहीं की जा रही है जांच का विषय बन गया है। इसके संरक्षण में संचालकों द्वारा गंभीर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस सवाल पर जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे ना तो कार्रवाई कर रहे हैं और ना ही एंबुलेंस की व्यवस्था करने की सख्त हिदायत दे रहे हैं। उनके रवैया से लोगों के दिलों दिमाग में तरह तरह के सवाल उठ रहे हैं जो सुनने वालों को चौंका रहे। किंतु उन अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद नहीं खोल पा रहे हैं जिनकी लापरवाही से बरसों से ऐसी स्थिति विद्यमान है।
       इनका कहते हैं-
  निरीक्षण के दौरान प्रायवेट नर्सिंगहोम में एम्बुलेंस नहीं मिली उन सभी को नोटिस दे दिया गया है। अगर एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की जाती तो कठोर कार्यवाही की जाएगी सीएमएचओ श्री धुर्वे जिला स्वास्थ्य अधिकारी हरदा।

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