सीएमएचओ की पक्षपातपूर्ण नोटिस बना कौतूहल का विषय

मुकेश दुबे
हरदा- सीएमएचओ का नोटिस कौतूहल का विषय बना हुआ है।अकेले पल्स हॉस्पिटल को नोटिस देकर शेष अन्य अस्पतालों को अभयदान देकर सीएमएचओ ने अपनी भूमिका को संदेह के दायरे में ला दिया है। ताज्जुब की बात यह है कि रैंप नहीं होने का कारण बता कर सात दिवस का अल्टीमेटम दिया है जबकि रैम्प सहित अन्य असुविधाएं अन्य नर्सिंग होम में बरसों से विद्यमान है। कार्रवाई में पक्षपात क्यों किया गया इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा का बाजार गर्म है।भेदभाव पूर्ण कार्यवाही के पीछे कोई ना कोई कारण अवश्य है। जिसके चलते अकेले पल्स हॉस्पिटल को ही निशाना बनाया गया है। जिला कलेक्टर इस कार्यवाही को गंभीरता से लेकर अबिलम्ब कठोर कदम नहीं उठाएंगे तो इस पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के विरोध में अन्य हॉस्पिटल के संचालक द्वारा माननीय न्यायालय की शरण में जाने का मन बना लिया है।अब देखना यह है कि नोटिस पर उठ रहे सवालों का क्या होगा। जिले में जिसने भी नर्सिंग होम संचालित है उनमें से अनेको नर्सिंग होम में रैम पार्किंग एंबुलेंस की समस्याएं है।निरीक्षण के दौरान इसका खुलासा हो चुका है फिर भी सभी के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई करने की बजाय केवल एक को नोटिस देकर स्वयं के कर्तव्यनिष्ठा पर सवालिया प्रश्न खड़ा कर दिया है इसके खिलाफ सभी लामबंद हो रहे हैं। जिला कलेक्टर में तत्काल कार्यवाही की उम्मीद लगाए हैं। उम्मीद के अनुरूप कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में अंततः न्यायालय का दरवाजा न्याय के लिए खटखटाएंगे।

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