बिना नंबर वाले डंपरों से जानलेवा हादसे की आशंका, मूकदर्शक बना परिवहन विभाग

मुकेश दुबे लौहपुरुष पेपर
हरदा- परिवहन विभाग के आलाधिकारी की निष्क्रियता से बिना नंबर वाले डंपर बेतहासा बेलगाम गति से शहर में दौड़ रहे हैं जो कभी भी जानलेवा हो सकते हैं। स्कूल समय में भी इनकी आवाजाही नहीं रुकती। रफ्तार इतनी तेज रहती है कि मोटरसाइकिल सवार व राहगीर स्वयं का बचाव करते हुए किनारे हो जाते हैं तब कहीं जाकर उनकी जान बच पाती है। ऐसी नौबत रोजाना सामने आती है फिर भी परिवहन विभाग,खनिज बिभाग ना जाने क्यों मूकदर्शक बना हुआ है।

   एक दो नहीं बल्कि अनेको की तादात में बिना नंबर वाले डंपर है जो विभागो के आला अफसर कितने सक्रिय है इसकी पोल खोल रहे हैं। डंपरों के साथ-साथ स्कूली वाहन भी बिना परमिट फिटनेस प्रमाण पत्र के धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। सिलेंडर से चलने वाली मारुति वैन की तादाद सर्वाधिक है। सही ढंग से जांच कराई जाए तो अनेको मारुती वैन चोरी की भी हो सकती है। जो परिवहन विभाग के निष्कीयता का फायदा उठाकर बरसों से स्कूली बच्चों को ढो रहे हैं। वैसे तो सैकड़ों स्कूली वाहन संचालित है। किंतु खराब स्थिति मारुति वैन की है जहां एक ओर सिलेंडर से चल रही है वहीं दूसरी ओर इनकी हालत इतनी खराब है कि वह पर्यावरण के दुश्मन बन चुके हैं। फिर भी उनके खिलाफ कोई सख्त कार्यवाही नहीं हो पा रही। तथा मारुति वैन के खिलाफ चालान की कार्रवाही की गई।सबसे आश्चर्य की बात यह है कि जिले के स्कूलों में कितने वाहन संलग्न हैं इसका पता परिवहन विभाग को भी नही है।ऐसे में हादसा होगा तो कौन जवाबदार होगा। इतने पर भी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्यवाही नहीं की जा रही।

 इंदौर बस हादसे के बाद वाहनों की सख्त निगरानी करने के आदेश के बाद भी जिला परिवहन अधिकारी द्वारा सख्त कार्रवाई करने में कोताही बरती जा रही है ।कंडम मारुति बेन सहित तमाम वाहन बच्चों की जान के दुश्मन के साथ-साथ पर्यावरण के लिए घातक बने है।और टैक्स की चोरी करके शासन को लाखों का चूना लगा रहे हैं। फिर भी स्कूल प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने में कोताही बरती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक चोरी के मारुति वैन को स्कूलों में लगा दिया गया है ताकि ज्यादा पूछताछ ना हो सके। इसकी जांच पड़ताल गहन तरीके से की जाएगी तो चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आ जाएगा। परिवहन विभाग यूं ही खामोश व मूकदर्शक बना रहा तो स्कूली वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की जो संभावना बनी है उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

 ★क्या कहते हैं जवाबदार★

 हमारे द्वारा सभी प्राइवेट स्कूलों को बार बार नोटिस भेजा जा रहा है। वाहनों की जानकारी मांगी गई है। और सतत जाच एवं कार्यवाही की जा रही है। राकेश अहाँके परिवहन अधिकारी जिला हरदा

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