एसडीएम के औचक निरिक्षण के बाद भी नहीं थम रहा रेत उत्खनन। बीच नर्मदा में जाकर बाल्टी से रेत निकाल रहे मजदूर

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हरदा -करीब एक पखवाड़े पहले एसडीएम ने भमोरी घाट का निरीक्षण कर दो डंपर दो ट्रैक्टर एवं मोटर बोट जप्त करने की कार्यवाही कर अवैध रेत उत्खनन बंद करने का आदेश दिया था। बावजूद इसके रेत उत्खनन नहीं थम रहा। दर्जनों की तादाद में मजदूर बाल्टी से मां नर्मदा की कोख से रेत निकाल कर छलनी कर रहे हैं।नाव को बीच नर्मदा में ले जाकर डुपकी लगाकर बाल्टी से रेत भरकर नाव में डालते है। चोरी-छिपे उत्खनन का यह खेल वर्षों से चल रहा है तमाम कार्रवाई के बाद भी उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा।मजदूर किसके इशारे पर और किस के बल पर निर्भर होकर अवैध उत्खनन कर रहे हैं यह जांच का गंभीर विषय बन गया है। मां नर्मदा के टापू में रह रहे सैकड़ों मजदूरों को हटाने का आदेश दिया। किंतु दुर्भाग्य की बात है कि मजदूर को टापू से हटाकर मां नर्मदा के किनारे बसा दिया गया। जो रोजाना बाल्टी से रेत निकाल कर शासनादेशो का उल्लंघन करते हुए टैक्स की चोरी कर शासन को लाखों रुपए का चूना लगा रहे हैं। भमोरी घाट पर रेत उत्खनन की परमिशन नहीं है। मनोहरपुरा खदान की बिल्टी काटकर अधिकारियों की आंख में धूल झोंकने की कार्यवाही की जा रही है। मजदूरों से अवैध उत्खनन कराकर टैक्स की चोरी वर्षों से की जा रही है। राजनैतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण ठेकेदार के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्यवाही नहीं की जा रही है। ट्रैक्टर एवं मोटर बोट से ठेकेदार का पता लगाकर कार्यवाही करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही जिससे बरसों से रेत उत्खनन बदस्तूर जारी है ।

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