जेलर ने अदा किया इंसानियत मानवता का फर्ज
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हरदा -उपजेल के आई एस नागर जेलर ने इंसानियत मानवता का फर्ज अदा करते हुए पीड़ित कैदी का जुर्माना स्वयं भरकर उसे रिहा किया। जिले के थाना रहटगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत गोधी धाना रहवासी गुरुदयाल पिता काली राम उम्र 45 वर्ष को धारा 325 के अपराध के तहत 1 वर्ष की सजा 18 मार्च 2017 को हुई। जब वह उपजेल आया तो पेट पर कपड़ा बांध रखा था। जेलर ने जब इसका कारण पूछा तो उसने पेट में तेज दर्द होना बताया। जांच के लिए जिला चिकित्सालय भेजा तो उसके पेट में पथरी होना पाया गया। 10अप्रैल 2017 को गुरुदयाल को इलाज के लिए सेंटर जेल भोपाल भेज दिया गया। वहां से उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराकर पथरी का ऑपरेशन करवाया गया। तत्पश्चात उसे 9 जुलाई को वापस हरदा जेल भेज दिया गया। कैदी पर ₹500 का जुर्माना लगा था न जमा करने की स्थिति में 1 माह की अतिरिक्त सजा थी जेलर ने जुर्माना भरने के लिए अन्य कैदियों से पूछा कि उनके कोई परिजन मदद करना चाहे तो करें सकते है किंतु मदद के लिए कोई आगे नही आया। पीड़ित कैदी की स्थिति को देखकर जेलर ने इंसानियत मानवता का फर्ज निभाते हुए जुर्माना राशि स्वयं भर दी। और पीड़ित कैदी गुरुदयाल को रिहा कर दिया। रिहाई के बाद गुरुदयाल के पास गांव तक जाने का किराया नहीं था। उसे भी जेलर ने ₹100 अपनी जेब से किराया देता रवाना किया।
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