शासकीय अस्पताल में हो रहा गर्भवती महिलाओं से अमानवीय व्यवहार

मुकेशदुबे लौहपुरुष पेपर
हरदा। जिले के शासकीय अस्पताल में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के साथ अमानबीयता करने का मामला प्रकाश में आया है। वैसे तो आए दिन ऐसे मामले हो जाते हैं किंतु शिकायत के आभाव में दफ़न हो जाते हैं। जिसके कारण अब तक अस्पताल कर्मियों की करतूतों का पर्दाफाश नहीं हो पाया। जिले के ग्राम कोरबा निवासी शिव कुमारी पति राकेश दो बार प्राइवेट डॉक्टर मेडम शिवहरे को दिखाया सोनोग्राफी करवाई गई। आशा कार्यकर्ता कृष्णा के साथ शिवकुमारी सरकारी अस्पताल गई तो मेडम में सोनोग्राफी की रिपोर्ट देख कर कहा कि मैं बच्चा और मां की जिम्मेदारी नहीं ले सकती। राकेश की बहन ने इसकी जानकारी रेखा बिश्नोई को दी ।इस मामले में रेखा बिश्नोई मेडम महाजन से मिली और इलाज करवाया। मेडम ने कहा कि बच्चा कमजोर है पानी की कमी है चिंता की बात नहीं है। इस संबंध में रेखा बिश्नोई बाद में अस्पताल गई और दोबारा शिवकुमारी की सोनोग्राफी करवाने की बात की तो अस्पताल में पुरानी सोनोग्राफी की रिपोर्ट मांगी गई। काफी मशक्कत के बाद सोनोग्राफी फाइल खोली गई तो उसमें से शिवहरे मेडम वाली सोनोग्राफी का पन्ना फटा हुआ था। उसकी फोटो खींचकर रेखा विश्नोई ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। इस तरह की स्थिति का सामना गर्भवती महिलाओं को करना पड़ता है जिसे कोई देखने और सुनने वाला नहीं है।

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