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जिलाध्यक्ष की नोटिस बना चर्चा का विषय
हरदा। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अमरसिंह मीणा द्वारा पार्षद ओम
मोरछले को नोटिस देना चर्चा का विषय बना हुआ है। शुक्रवार को नगर पालिका
परिषद की बैठक सीएमओ द्वारा बुलाई गई थी। पार्षदों की बैठक में दूसरो की
उपस्थिति परं सवाल उठा तो बाद में अनुशासनहीनता संबधी कार्यवाही के लिए
नोटिस दे दिया गया। वस्तुस्थिति को बिना सोचे समझे और विचार किये बिना
आनन-फानन में पार्षद को नोटिस देकर भाजपा जिलाध्यक्ष ने संगठन की गाइड
लाइन को नजरदंाज किया है। यह कार्यवाही विधि विशेषज्ञों एवं प्रबुद्ध
जनों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालाकि भाजपा पार्षद अधिवक्ता ओम
मोरछले ने कहा कि परिषद की बैठक में मेरे द्वारा कोई अनुचित एवं
अव्यवहारिक बात नही कही गयी। इस संबध में अधिवक्ता शैलेन्द्र जोशी ने
नोटिस पर सवाल उठाते हुुये कहा कि विधि जानकार जनप्रतिधि कानूनी एवं
व्यावहारिक दायरे से बाहर रहकर कत्य नही कर सकते। भाजपा जिलाध्यक्ष ने
विवेकहीन निर्णय लेकर अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर पार्षद मोरछले को
बिना किसी कारण के नोटिस जारी किया है जो कि घोर निंदनीय है। परिषद के
कार्यकलाप में इतना हस्तक्षेप क्या उचित है। इससे अधिवक्तागण क्षुब्ध
हैं। परिस्थितियों को देखते हुये अपने सम्मान एवं स्वाभिमान की लडाई के
लिए अपना आवेदन संघ के समक्ष प्रस्तुत करेगे जिसमें मांग की जायेगी कि
भाजपा जिलाध्यक्ष लिखित रूप से माफी मांगे और नोटिस का खंडन करे।
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