जिला मुख्यालय में चुनौती बने झोलाछाप डॉक्टर। शासनादेशों की परवाह किए बिना मधुर संबंध निभा रहे सीएमएचओ।
हरदा- जिला मुख्यालय में जिला कलेक्टर एवं सीएमएचओ की नाक के नीचे दर्जनों झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हैं।जो खुलेआम मरीजों की जान से खिलवाड़ कर अधिकारियों के लिए चुनौती बने फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। जबकि खिरकियां विकास खंड चिकित्सा अधिकारी ने खिरकियां एवं सिराली के 16 झोलाछाप डॉक्टरों की सूची बनाकर उचित कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किया। जिसको गंभीरता से लेते हुए एसडीएम खिरकियां ने जांच टीम गठित कर सात दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। तत्पश्चात जब कार्रवाई आरंभ हुई तो झोलाछाप डॉक्टरों के बीच हड़कंप मच गई। जिला मुख्यालय में बरसों से झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय है जो बिना रजिस्ट्रेशन के खुले आम मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। इतने पर भी जांच कर ना तो सूची जारी की जा रही है और ना ही इस संबंध में कोई कार्यवाही की जा रही है। एलोपैथिक होम्योपैथिक की बिना डिग्री लिए इलाज के नाम पर मरीजों से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं फिर भी उनके खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही। इसके पीछे कारण क्या है यह एक विचारणीय प्रश्न बन गया है।खिरकिया में एसडीएम द्वारा जांच दल में नायब तहसीलदार बीएमओ थाना प्रभारी राजस्व निरीक्षक पटवारी को शामिल किया गया ।टीम की कार्यवाही युद्ध स्तर पर चल रही। ऐसी कार्यवाही जांच दल गठित करने की आवश्यकता हरदा में लंबे समय से महसूस की जा रही है किंतु सीएमएचओ की मेहरबानी के कारण झोलाछाप डॉक्टर चांदी काट रहे हैं। रोजाना मरीजों व उनके परिजनों की आंख में धूल झोंककर कमाई कर रहे हैं। सीएमएचओ के इस रवैया से जाहिर हो रहा है कि अपंजीकृत झोलाछाप डॉक्टरों से मधुर संबंध है जिसको निभाने के लिए स्वास्थ्य विभाग संचालक के आदेश को दरकिनार करते हुए कड़ी कार्रवाई करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे। यदि ऐसा नहीं होता तो निश्चित रूप से खिरकिया की तर्ज पर जिला मुख्यालय में टीम गठित कर कार्यवाही शुरू हो जाती ।अभी हाल में एक माह तक झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने का अभियान स्वास्थ्य विभाग भोपाल द्वारा संचालित किया गया। अभियान के क्रियान्वयन में रस्म अदायगी पूरी करने के अलावा कुछ भी नहीं किया गया। जिस पर पूर्व में कार्यवाही की भी गई थी फिर से क्लिनिक चला रहे हैं।अभियान के दौरान दिखावटी तौर वाहवाही लूटने के लिए कार्रवाई कर फिर शांत हो जाते हैं। ऐसा बरसों से जारी है यही वजह है कि झोला छाप डाक्टरों से फल फूल रहे हैं।
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