घोर अव्यवस्था को लेकर जिला चिकित्सालय सुर्खियों में। रेफर गंभीर बालिका को 2 दिन बाद मिली एंबुलेंस, इलाज के दौरान आकाल मौत।

मुकेश दुबे
हरदा- जिला चिकित्सालय घोर अव्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से सुर्खियों में है। इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं होने से जहां असमय मरीजों की मौत हो रही है। वहीं दूसरी ओर एक 18 वर्षीय बालिका की हालत गंभीर थी उसे रेफर तो कर दिया गया किंतु एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की गई। 2 दिन बाद एंबुलेंस भोपाल के हमीदिया अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।फलतः इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई ।28 मई को ही एंबुलेंस की व्यवस्था हो जाती तो शायद बालिका की जान बच जाती। गंभीर मरीज के साथ भी इंसानियत एवं मानवता का फर्ज़ नहीं निभाया जाता। चिकित्सा एवं अधिकारी कितने क्रूर व निर्दयी हैं। बालिका की इस घटना क्रम को देखने और सुनने से अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि यह कोई पहली घटना नहीं है। इस तरह के मामले औसतन रोजाना देखने-सुनने को मिलते हैं किंतु मीडिया की पहुंच से दूर होने के कारण उसका खुलासा नहीं हो पाते और अकाल मौत कि कहानी उजागर होने से पहले ही दफन हो जाती । जहां एक ओर बालिकाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार द्वारा उल्लेखनीय प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर चिकित्सक एवं व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण मुख्यमंत्री की भांजियों असमय काल के मुंह में समा रही है। यह मामला है ग्राम पंचायत रेवापुर रहवासी 18 वर्षीय दीपिका पिता सेवकराम सेजकर का स्वास्थ्य खराब होने से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर मनीष शर्मा एवं डॉक्टर कुशवाहा द्वारा भोपाल के लिए रेफर 28 मई को कर तो दिया गया किंतु भोपाल के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं करवाई गई। इस व्यवस्था में 2 दिन का समय लग गया। इस अंतराल में बालिका की स्थिति खतरे से बाहर हो गई ।30 मई को एंबुलेंस से हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उसे बचाया नहीं जा सका ।बालिका के चाचा भगवान दास माता उषा ने बताया की मेन मौके पर एंबुलेंस मिल जाती तो मेरी बेटी की जान बच जाती। एंबुलेंस की व्यवस्था में 2 दिन का समय नही लगा होता तो। हाथ पैर में सूजन थी इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, किंतु जिला चिकित्सालय में बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई और मेरी बेटी की जान चली गई। डॉक्टरों एवं अधिकारियों की लापरवाही के कारण मेरी बेटी की जान गई ।भगवान उन्हें कभी भी माफ नहीं करेगा। अधिकारी ने किया मोबाइल बंद।।।।।।। इस संबंध में जब हमने शाम 6:37 पर मेडिकल अधिकारी मनीष शर्मा को कॉल किया तो डॉक्टर द्वारा कॉल काट दिया गया। पुनः शाम7:14 पर कॉल किया तो उनका मोबाइल नं 9826477447 स्विच ऑफ आया।

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