मोबाइल से बात करते हुए चला रहे यात्री वाहन। जागरूकता कार्यक्रम का नहीं पड़ा सकारात्मक असर।

मुकेश दुबे
हरदा- सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान वाहन चलाते समय मोबाइल से बातें ना करने की समझाइश दी गई। तमाम जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित कर यातायात के नियमों के प्रति वाहन चालकों के साथ-साथ लोगों को सचेत सजक आगाह किया गया। इसके बाबजूद भी चालको द्वारा वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी हाल ही में इसका जीवंत उदाहरण एक निजी यात्री वाहन में देखने को मिला। इंदौर जा रही बस के चालक मोबाइल से बात करते हुए हंडिया पहुंचे तो भाजपा के नेता अरविंद सारण ने इसकी शिकायत थाना हंडिया में की। तत्पश्चात पुलिस ने बस को रोककर चालक पर जुर्माने की कार्यवाही की। इसके बाद बस को जाने दिया गया। बताया जाता है कि यह तो एक बागानी है। इसी तरह रोजाना दोपहिया और चारपहिया वाहन वाले यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए वाहन चलाते हैं। खुद की जान तो जोखिम में डालते ही हैं साथ में दूसरों की जान को भी खतरा उत्पन्न कर देते हैं। जान से बढ़कर कुछ नहीं होता है। दुर्घटना से देर भली। इस बारे में भली-भांति जानते हैं किंतु उस पर अमल नहीं करते। यातायात प्रभारी प्रबेन्द्र सिंह द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया था।वाहन चालको के लिए शिविर और स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया। इतने पर भी चालकों में सुधार नहीं आ रहा। स्वयं की जान को खतरे में डालने के अलावा दुर्घटना को बढ़ावा दे रहे हैं। मोबाइल से बात करने के दौरान चालक स्वनियंत्रण खो देता है और दुर्घटना का शिकार हो जाता है। सड़क दुर्घटना बढ़ने का प्रमुख कारण वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करना है। यह एक शोध रिपोर्ट में भी तथ्य उभरकर सामने आए हैं। इसके बाद भी चालको एवं लोगों में जिस तरह से जागरूकता आनी चाहिए उस तरह से नहीं आ पा रही। दो पहिया वाहन वाले मोबाइल का एयर फोन कान में लगाकर गाना सुनते हुए वाहन चलाते हैं। सड़क पर ऐसे नजारे रोजाना देखने व सुनने को मिलते हैं किंतु पकड़ में ना आने के कारण जुर्माना की कार्यवाही नहीं हो पाती है। जिसके कारण ऐसे मामले उजागर नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाही नहीं की गई तो निकट भविष्य में दुर्घटनाओं का ग्राफ कम होने की वजह और बढ़ेगा। जुर्माने की कार्यवाही से अर्थदंड के अलावा इन्हें बदनामी भी दंश सहन करनी पड़ती है। जिसके कारण उनमें सुधार की अधिक संभावना है।   *अधिकारी का कथन*
एसपी सर के मार्गदर्शन में सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर वाहन चालकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मोबाइल से बात करते हुए वाहन चलाने पर चालकों पर चालान की कठोर कार्यवाही की जाएगी।
एडिशनल एसपी हेमलता कुरील जिला हरदा।

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