नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर हो रहा सिराली चारुवा मार्ग का निर्माण। आवागमन बाधित, यात्रियों एवं वाहन वालों की मुश्किलें बड़ी।

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हरदा/दीपगांव कलॉ। नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर सिराली चारूवा मार्ग निर्माण का कार्य किया जा रहा है। जिसका खामियाजा यात्रियों एवं वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। ठेकेदार द्वारा दोनों तरफ की रोड खोद देने के कारण आवागमन बाधित हो गया है। बस एवं अन्य यात्री वाहन थोड़ी दूर जाने पर इस कदर दलदल में फस जाते है कि आगे-पीछे निकालना मुश्किल हो जाता है। यात्री वाहनों को परिवहन ठप होने से जहां एक ओर वाहन मालिकों को रोजाना हजारों का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी और यात्रियों को करीब १६ कि.मी. का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। इससे आश्चर्य की बात यह है कि सिराली-चारूवा मार्ग मरम्मत कार्य के चलते दुर्घटना को न्यौता दे रहा है। यह खबर लंबे समय से सुर्खियों में है, इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों के कान में जू तक नहीं रेग रहे है। बारिश के पहले तक हर हाल में पुलिया निर्माण कार्य पूर्ण कराना था, किंतु जो मौजूदा स्थिति देखने को मिल रहीं है, उसको देखने में ऐसा नहीं लगता कि बारिश के पहले निर्माण कार्य हो जाएगा। दो पहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहें है। इस कारण बारिश भर में इस सड़क निर्माण पर कितनी सड़क दुर्घटनाएं होगी और कितने ईश्वर को प्यारे हो जाएंगे। इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। वाहन मालिक जुर्माना वसूलने जा सकते है कोर्ट- ठेकेदार द्वारा दोनों तरफ सड़क खोद दिए जाने से बरसात भर यात्री वाहनों का चलना टेढ़ीखीर बन गया है। यात्री वाहनों के परिवहन बंद होने से जो नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई के लिए शासन के समक्ष संघ द्वारा मांग रखी जाएगी। मांग पर उचित निर्णय नहीं किए जाने की स्थिति में हर्जाना की मांग को लेकर वाहन मालिक संघ माननीय न्यायालय की शरण में जा सकतेहै , जिसकी सारी जबावदारी शासन-प्रशासन व ठेकेदार की होगी। रोड टैक्स एवं परमिट लेने के बाद आवागमन की सुविधा देना शासन की जबावदारी बनती है। एक तरफ सड़क खोदकर बना दिए जाने के बाद दूसरी तरफ खोदकर सड़क बनायाी जाती तो शायद ऐसी नौबत सामने नहीं आती, किंतु ठेकेदार जेसीबी का किराया बचाने के मकसद से एक ही बार में पूरी सड़क खोदकर यात्रियों एवं वाहन वालों के समक्ष मुसीबत खड़ी कर दी गई है। हांलाकि जब से निर्माण कार्य चल रहा है, तब से तीव्र गति से निर्माण किया गया होता तो अब तक संभवत: पुलिया निर्माण पूर्ण हो जाता, किंतु यात्रियों एवं वाहन वालों की परेशानी को नजरअंदाज करके राजनीतिक पहुंच वाले ठेकेदार द्वारा मनमानी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों के मुंह बंद रखने के लिए सेटिंग कर ली गई है जिससे कारण परेशानी को देखने व सुनने के बाद भी हाथ पर हाथ धरे ऐसे बैठें है, जैसे उन्हें इसकी खबर ही न हो।

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