बोए रकबे से अधिक पंजीयन बना कौतूहल का बिषय पंजीयन में चमत्कार। जांच के आदेश।
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हरदा। जिले में मूंग की फसल के बोयें गए रकबे से अधिक का पंजीयन होने का मामला प्रकाश में आया है। कृषि विभाग के अभिलेख के अनुसार दो हजार हेक्टेयर भूमि पर मूंग की फसल बोई गई थी किंतु गुरुवार को मुंग उपार्जन पंजीयन के संबंध में 24 घंटे की अबधि मैं पांच हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे का पंजीयन कृषकों द्वारा कराया गया है यह चमत्कार किसानों ने नहीं बल्कि व्यापारियों ने किया है ।सोसाइटी बालों से सांठगांठ कर गुपचुप तरीके से व्यापारियों द्वारा पंजीयन करवाया जा रहा है। इसी तरह चने की खरीदी में भी हुआ था जिन किसानों ने चना बोया ही नहीं उन किसानों के नाम पर व्यापारियों ने पंजीयन करवाकर चना बेच दिया। इतना ही नहीं जिन किसानों के खातों पर व्यापारियों द्वारा चना बेचा गया है उस किसान तक को पता नहीं है यह खेल खिरकिया टिमरनी हरदा में हुआ है। अपंजीकृत किसानों की सूची पताकर व्यापारियों ने सोसाइटी वालों से साठगाँठ कर फर्जी तरीके से पंजीयन कराकर चना बेचने में कामयाबी हो गए। वही कामयाबी हासिल करने का प्रयास मूंग बेचने में कर रहे हैं। पंजीयन में गुरुवार को पकड़ में आ जाने से सब कुछ स्पष्ट हो गया है। जिले के व्यापारी किस कदर दिन दूना रात चौगुना प्रगति कर रहे हैं इसका खुलासा हो गया इसी तरह फर्जी तरीके से पंजीयन कराकर जहां एक ओर किसानों का हक छीना जा रहा है वहीं दूसरी ओर समर्थन मूल्य, बोनस, प्रोत्साहन राशि के जरिए शासन को लाखों का चूना लगाया जा रहा है। मूंग, चना सहित अन्य खरीदी में ऐसा कुचक्र बरसों से रचा जा रहा है किंतु जांच के अभाव में सभी मामले दफन हो जाते हैं।
अपर कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश----- गुरुवार को 24 घंटे के भीतर रिकॉर्ड पांच हजार हेक्टेयर से अधिक रकवा पंजीकृत हो जाने के बाद अपर कलेक्टर बीएल कोचले ने मूंग पंजीयन कार्यवाही जांच के आदेश जारी किए हैं। कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा बैठक में दिए गए निर्देशानुसार जांच की जाएगी।
* पंजीयनकर्ता का नाम, यदि संयुक्त खाता है तो पंजीयनकर्ता का विवरण।
* राजस्व अभिलेख का सत्यापन जिसमें मूंग फसल बोई गई है।
* पंजीयन फार्म में उल्लेखित बैंक खाते का सत्यापन (भू धारक के नाम है अथवा नहीं)।
* फसल का भौतिक सत्यापन घर में अथवा गोडाउन में यदि गोडाउन में है तो उसका पंजीयन।
*मूंग की संग्रहित फसल नई है या पुरानी। उक्त सभी बिंदुओं का जांच कार्यवाही निष्पक्षता से करने के निर्देश दिए गए हैं। मूंग पंजीयन की जांच के लिए एक दल गठित मूंग पंजीयन में हुई चमत्कार की जांच के लिए अपर कलेक्टर बीएल कोचले द्वारा दल गठित किया गया है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सहकारिता विभाग का प्रतिनिधि पंचायत का सचिव। शामिल है जो कार्रवाई में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए हैं निष्पक्षता से जांच नहीं होने की स्थिति में संबंधित जवाबदेह के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी ।
चना पंजीयन में भी की गई गड़बड़ी---- मूंग पंजीयन की तरह चना खरीदी पंजीयन कार्यवाही में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई थी। व्यापारी सांठगांठ समर्थन मूल्य, बोनस,प्रोत्साहन राशि का फायदा लेने के लिए ऐसे ऐसे हथकंडे अपनाते हैं जिसकी कोई कल्पना तक नहीं कर सकता। तू डाल डाल मैं पात पात की तर्ज पर फर्जी तरीके से पंजीयन कराकर चना बेचने का फायदा ले लिया है। रिकॉर्ड की वास्तविकता की वास्तव में जांच की जाए तो प्याज के छिलके की तरह परत-दर-परत किया गया सनसनीखेज खुलासा सामने आ जाएगा। व्यापारियों का असली चेहरा बेनकाब हो जाएगा किसान का हक छीनकर शासन को किस तरह से लाखों रुपए का चूना लगाया जा रहा है मूंग पंजीयन कार्रवाई से उजागर हो गया है।
*** वस्तविक किसानों की फसल की पूर्ण तुलाई होना चाहिए सरकार ने जो योजना बनाई है उसका लाभ किसानों को मिलना चाहिए इस बीच अगर उस योजना का व्यापारी गलत फायदा लेता है तो उस पर सख्त कार्यवाही होना चाहिए जिससे जरूरत मंद को फायदा मिलेगा और यही आम किसान यूनियन चाहता है।***
डॉ जगदीश सारण जिला संयोजक आम किसान यूनियन
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