अमानक खाद बीज दवाई का गोरखधंधा चरम सीमा पर। अमानक बीज से 4000 एकड़ की फसल चौपट।
हरदा। जिले में अमानक खाद बीज एवं दवाई का गोरख धंधा चरम सीमा पर है। जिसका खामियाजा अन्नदाता को भुगतना पड़ रहा है। इससे आर्थिक स्थिति डामाडोल हो गई है। जिले भर में करीब 4000 एकड़ से अधिक की सोयाबीन अमानक बीज के कारण खराब हो चुकी है फिर भी जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर गोरखधंधे में संलिप्त लोगों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।
*तजपुरा के दर्जनों किसानों की फसल खराब* आदिवासी बाहुल्य टिमरनी जनपद के तजपुरा पंचायत के दर्जनों किसानों की फसल अमानक बीजोपचार के कारण सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई। खाद बीज कल्टीबेटर मेहनत-मजदूरी मिलाकर किसानों को लाखों का नुकसान हुआ। आम किसान यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने खराब हुई फसल का जायजा लिया। कृषि विभाग का दल भी साथ में था। जिसमें सविता कंगाली ,के वी के से मुकेश कुमार बैंकोलिया टिमरनी से श्री राजपूत एवं अन्य अधिकारी शामिल थे। परीक्षण में पाया गया कि सवेरा नाम से बीज उपचारिक सोयाबीन खराब पाया गया जिसका पंचनामा भी बनाया गया।
किसान यूनियन केदार सिरोही ने किसानों के साथ हो रहे षड्यंत्र एवं धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए बताया कि खाद बीज दवाई का गोरखधंधा खूब फल फूल रहा है। इससे किसानों की स्थिति खराब हो गई है और कर्ज के बोझ तले दब कर निराश, हताश, उदास होकर आत्महत्या जैसे घृणित कदम उठा रहे हैं।
जिला संयोजक जगदीश सारण ने बताया कि जिले में व्यापक पैमाने पर सोयाबीन की फसल अमानक बीच के कारण खराब हो गई है। कंपनी एवं विक्रेता से उचित हर्जाना दिलाने की कार्यवाही जिला प्रशासन द्वारा समय रहते नहीं की गई तो यूनियन द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी सारी जवाबदारी संबंधित अधिकारी की होगी। मुकेश दुबे 9826036011
Comments