बिना डायवर्सन के जमीन उपयोग करने का मामला तूल पकड़ा। एसडीएम के आदेश के बाद भी नहीं शुरू हुई जांच कार्यवाही।

हरदा। जिले की सिराली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दिवगांव कला में बिना डायवर्सन के जमीन का उपयोग कर लिए जाने का मामला तूल पकड़ लिया है।ना तो डायवर्सन की कार्रवाई की जा रही है और ना ही सैकड़ों डंपर रेत एवं गिट्टी रखने की जांच पड़ताल की जा रही है। जबकि एसडीएम खिरकिया एवं खनिज इंस्पेक्टर से इस संबंध में शिकायत की जा चुकी है। फिर भी ठेकेदार के रवैया की जांच पड़ताल में पारदर्शिता एवं तत्परता नहीं दिखाई जा रही है। रेत एवं गिट्टी का विशालकाय स्टाफ को देखकर लोगों के दिलों दिमाग में यह सवाल उठ रहा है कि इसकी रॉयल्टी जमा की गई है कि नहीं। इसका उत्तर ग्रामीणों को तमाम कोशिशों के बाद भी नहीं मिल रहा । सूत्रों की माने तो एसडीएम द्रारा एक माह पूर्व ही कृषि भूमि का डायवर्सन की परमिशन दे दी थी ।फिर जांच के आदेश पर अनेक सवाल खड़े हो गए है।
*एसडीएम ने दिए जांच के आदेश* ठेकेदार द्वारा रेत एवं गिट्टी का स्टॉक रखने एवं डायवर्सन की जांच पड़ताल करने की शिकायत की गई। जिस पर एसडीएम ने जांच के आदेश दिए। किंतु दुर्भाग्य की बात यह है कि दीपगाब कला आर आई एच एल ठाकुर जहां एक ओर यह कह रहे कि यह मामला मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। वही सिराली आरआई पटवारी कह रहे हैं कि अभी हमें आदेश ही नहीं मिला। टालमटोल वाला जवाब देकर एसडीएम के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं।
*मीटिंग एवं काम के बोझ के कारण नहीं हो पा रही कार्यवाही* खनिज इंस्पेक्ट अर्चना ताम्रकार को इस संबंध में एक सप्ताह में अनेको बार शिकायत की जा चुकी है।कभी मीटिंग में ब्यस्त होने का कहती है।कभी ड्राइवर दो दिन की छुट्टी पर है कहकर सेकड़ो डंफर रेत गिट्टी का निरीक्षण करने से बच रही है। उनके द्रारा सिर्फ जांच का आश्र्वासन दिया । शीघ्र ही जांच पड़ताल की जाएगी। ठेकेदार के रेत एवं गिट्टी के स्टाफ की रॉयल्टी की जांच-पड़ताल करके कार्यवाही की जाएगी। यह जवाब लोगों के गले नहीं उतर रहा।
* ऐसे गंभीर मामले की जांच पड़ताल और कार्यवाही में विलंब कर अधिकारियों ने अपनी भूमिका को संदेह व जांच के दायरे में ला दिया है। कोई ना कोई वजह अवश्य है जिसके कारण ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। सभी बहानेबाजी कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। यह किस हद तक उचित है यह तो नहीं मालूम। किंतु जिला प्रशासन के इस रवैया से ग्रामीणों में असंतोष एवं आक्रोश का माहौल है।  बारिश होने पर पैदल चलना हुआ मुश्किल* सड़क निर्माण की गाइडलाइन को दरकिनार करते हुए ठेकेदार द्वारा दोनों तरफ की सड़क एवं पुलिया खुदवा दी गई। बारिश होने पर इस कदर कीचड़ हो जाता है कि वाहन लेकर चलना तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। यात्री वाहन वाले परेशान हैं उनका धंधा चौपट हो रहा है। परमिट टैक्स जमा करने के बाद भी आवागमन की सुविधा नहीं मिल पा रही। लंबे समय से निर्माण कार्य कराया जा रहा है किंतु फिर भी पुलिया का निर्माण नहीं हो पाया। निर्माण की गति को देखकर अभी और कितने महीने लगेंगे इस बारे में अनुमान लगाना कठिन है। स्थानीय लोगों का बाज़ार तहसील जाना मुश्किल हो गया है। लोगों की परेशानी की चिंता ना तो ठेकेदार को है ना ही जिला प्रशासन को। ठेकेदार की मनमानी के मुद्दे पर ऐसे हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं जैसे उन्हें इसकी खबर ही ना हो।
* राजनीतिक दबाव में नहीं हो रही कार्रवाई *सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार की पहुंच सत्तासीन पार्टी के मंत्री तक है इस नाते ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही करने करने में टालमटोल किया जा रहा है। ऐसी चर्चा समूचे क्षेत्र में है। जानकारी के बाद भी अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई नहीं करने से चर्चा में कुछ ना कुछ दम अवश्य है इसका संकेत दे दिया है। बिना डायवर्सन के कृषि भूमि का ठेकेदार द्वारा उपयोग किया जा रहा है। फिर भी जिला प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इससे जाहिर हो रहा है कि राजनीतिक दबाव अधिक है जिसके कारण कार्यवाही में आनाकानी की जा रही है।
mukeshdubeyele@gmail.com

Comments

Share