बरसो बाद भी शो पीस बना ट्रामा सेंटर। जमना जैसानी फाउंडेशन ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन।

हरदा। बरसो की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरी करते हुए म प्र शासन द्वारा ट्रामा सेंटर तो बना दिया गया। किंतु उसका लाभ जिले व पड़ोसी जिले के मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। हाईवे पर औसतन रोजाना छोटी मोटी सड़क दुर्घटना होती है।इस मौके पर इलाज की सुविधा नहीं मिलने से असमय काल के मुह में समा जाते हैं। ट्रामा सेंटर बनाकर चालू कर दिया गया, किंतु चिकित्सकों एवं उपकरणों की व्यवस्था नहीं की गई। जो उपलब्ध भी है उसे चलाने वाला कोई नहीं। लिहाजा वह धूल धूसरित कक्षों में पड़ी हुई है। जिस आशा उम्मीद के साथ करोड़ों रुपए खर्च चिकित्सा सुविधा की सौगात दी गई उसका लाभ नहीं मिलने से औसतन आधा दर्जन से अधिक लोग हर महीने मौत को गले लगा लेते हैं।   

इंदौर भोपाल की दूरी 150 किलोमीटर से अधिक है पहुंचने में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगता है। जबकि दुर्घटना का शिकार मरीज के लिए एक-एक पल बेशकीमती होता है। ट्रामा सेंटर में जो सुविधा देने का प्रावधान है उसे चिकित्सकों की पदस्थापना कर एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी जाए तो न केवल मरीजों की जान बच जाएगी अपितु गरीबों को कम कीमत पर महानगरों जैसी चिकित्सा सुविधा मिल जाएगी। इस ज्वलंत समस्या की बरसों से अनदेखी की जा रही है। मरीजों की जान से हो रहे खिलवाड़ के विरुद्ध जमना जैसानी फाउंडेशन लामबंद हो गया। इसको लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अपर कलेक्टर बी एल कोचले को मंगलबार को सौंपा।
   फाउंडेशन के सदस्य शांति कुमार जैसानी ने मांग की कि शासन की मंशा के अनुरूप ट्रामा सेंटर को विधिवत चालू कर सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। ताकि मरीजों को इंदौर-भोपाल जाने की नौबत सामने नहीं आए और उनकी जान बच जाए। हाईवे पर रोजाना हो रही दुर्घटनाओं से सभी वाकिफ है इसलिए ट्रामा सेंटर में बेहतर चिकित्सा सुविधा की सख्त आवश्यकता है।
  शुभम सुरमा ने बताया कि विगत वर्षो में भी समाजसेवकों द्रारा जनसुनवाई में मांग की गई थी किंतु हर बार उन्हें आश्वासन दिया गया। बरसों के प्रयास के नतीजे ढाक के तीन पात के समान निकले। बड़े संघर्ष के बाद सुविधा तो मिली किंतु उसका लाभ ना मिलना अत्यंत चिंताजनक है।
    अजित शर्मा ने बताया कि हाईवे पर होने वाले हादसों के आंकड़े देखे जाए तो सही स्थिति स्वयंमेव स्पष्ट हो जाएगी। मरीजो को तत्काल चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती और असमय ईश्वर को प्यारे हो जाते हैं। इस मौके पर सोमिल दुबे, गणेश जोशी, कमलेश शर्मा, अजित शर्मा, सौरव काशिव, सुदीप मंडलोई, गोलू धनगर आदि मौजूद थे।
ज्ञापन की मुख्य मांगे।
हरदा में इंदौर व भोपाल जैसी सुविधाएं ट्रामा सेंटर में चालू करवाई जाए। डॉक्टर एवं मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित चिकित्सा किया जाए। मशीनों को चालू करवा कर उसका लाभ मरीजों को दिलाया जाए। जिले के साथ साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को फायदा देने के लिए प्रभावी तरीके से ट्रामा सेंटर का संचालन किया जाए। सड़क हादसे में दिनों दिन बढ़ रही मरीजों की मौत के आंकड़ों को गंभीरता से लेकर उसे रोकने के दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि करोड़ों रुपए खर्च का ट्रामा सेंटर चालू करने की सार्थकता सिद्ध हो सके।

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