पुलिस की सूझबूझ से मिला आदिबासी बालक। परिजनों के मुरझाए चेहरों पर आई मुस्कान।
सुनील मालाकार।
हरदा। गत 9 जुलाई को पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह द्वारा सूचना दी गई गई कि दोसा राजस्थान में एक बालक बाल कल्याण समिति दौसा को मिला है जो अपना नाम राज कुमार पिता परसराम जाति गुर्जर निवासी ग्राम चारुवा का रहना बता रहा है। बालक के परिजनों की तलाश कर सूचित करें। सूचना पर ग्राम चारुवा में परिजनों की तलाश की गई किन्तु इस नाम पते का कोई व्यक्ति नहीं होना पाया गया | बालक का WhatsApp पर फोटो प्राप्त किए। फोटो देखकर बालक आदिवासी प्रतीत हो रहा था। बाल कल्याण समिति दौसा राजस्थान के सदस्य अशोक मुदगल का मोबाइल नंबर प्राप्त कर थाना प्रभारी छीपाबड़ उपनिरीक्षक उमेद सिंह राजपूत द्वारा बालक से बात की । बालक को सही नाम बताने को कहा तब बालक के द्वारा अपनी जाति कोरकू एवं ग्राम रामपुरी का रहना बताया गया। जिस पर थाना प्रभारी सिराली उप निरीक्षक रोहित कछावा द्वारा बालक के परिजनों की तलाश ग्राम रामपुरी में जाकर की गई जो वहां गई इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। पुनः बालक से बात करने पर उसने ग्राम रक्तया का रहना बताया । जिस पर थाना प्रभारी छीपाबड़ उप निरीक्षक उमेद सिंह राजपूत प्रधान आरक्षक भीम सिंह राजपूत द्वारा ग्राम रक्तया जाकर परिजनों का पता किया। बालक का पिता परसराम मिला जिसको बालक की फोटो दिखाई परसराम द्वारा बताया गया कि उसका पुत्र राजकुमार उम्र करीब 15 साल कुछ दिन पहले अपने दोस्तों के साथ घूमने गया था। उसके दोस्त आ गए थे वह राजस्थान में कहीं गुम गया था। मोबाइल पर बालक से उसके पिता परसराम की बात कराई गई । दिनांक 13 जुलाई 2017 को बाल कल्याण समिति दौसा राजस्थान द्वारा राजस्थान पुलिस के माध्यम से बालक को हरदा बाल कल्याण समिति भेजा गया। जहां से प्रक्रिया पूर्ण उपरांत बालक को उसके पिता के सुपुर्द किया। बालक को उसके परिजनों से मिलवाने में पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता कुरील हरदा के निर्देशन में रक्षित निरीक्षक राघवेंद्र भार्गव थाना प्रभारी छीपाबड़ उप निरीक्षक उमेद सिंह राजपूत थाना प्रभारी सिराली उप निरीक्षक रोहित कछावा प्रधान आरक्षक भीम सिंह राजपूत व बाल कल्याण समिती की अहम भूमिका रही |
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