शराबियों के चुंगल से मुक्त हुआ गोराखाल झरना। इको टूरिज्म झरने को देगा आकर्षण लुकआउट। लौहपुरूष अखबार की खवर को लिया संज्ञान में।

मुकेश दुबे 9826036011
हरदा।जिले का एकमात्र प्राकृतिक स्थल गोराखाल का झरना शराबियों के चुंगल से मुक्त हो गया।लौहपुरुष अखबार ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर शराबियों की बेजा हरकत की पोल खोल दी थी। जिसको संज्ञान में लेते हुए वन मंडलाधिकारी अनिल के सिह और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था बैठा दिए। और आने वाले शराबियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर कार्यवाही की। जिसके परिणाम स्वरुप यह झरना शराबियों के चुंगल से मुक्त हो गया है। अब संभ्रांत नागरिक परिवार के साथ प्राकृतिक झरने के अनुपम सौंदर्य का लुफ्त उठा सकते हैं। वन विभाग एवं पुलिस महकमा का एक एक सुरक्षाकर्मी तैनात किया गया जो आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखता है और पूछताछ भी करता है।
मशहूर पर्यटक स्थल बनेगा गोराखाल- जिले के टिमरनी तहसील अंतर्गत रहटगांव से 20 किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक झरना जिला ही नहीं अपितु प्रदेश का मशहूर पर्यटक स्थल बनेगा। इको टूरिज्म द्वारा इस स्थान को विकसित करने की कार्य योजना बना ली गई है। और इसकी मंजूरी भी वन विभाग को दे दी गई है। निकट भविष्य में इस स्थल पर आवश्यक साधन सुविधाएं जुटाकर इसे विकसित कर पर्यटन नक्शे में शामिल किया जाएगा। पचमढ़ी और जबलपुर के धुआंधार जलप्रपात की तरह इसका लुकआउट बनाया जाएगा ।ऐसा नामचीन प्राकृतिक स्थल गुमनामी के साए में है। विकसित होने पर जिले ही नहीं अपितु जिले के बाहर के लोग इस स्थल पर आकर झरने का आनंद लेंगे।
इको-टूरिज्म निखारेगा झरने का प्राकृतिक सौंदर्य-- इको टूरिज्म द्वारा गोराखल के झरने को चिन्हित किया गया है इसको विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है वन मंडलाधिकारी द्वारा इको टूरिज्म की मंशा के अनुरूप इसे संवारा और सजाया जाएगा ताकि प्रकृति के अनुपम सौंदर्य से आकर्षित होकर पर्यटन देखने के लिए आ सके। यह स्थल जिले का नाम रोशन करेगा। इसकी ख्याति देश प्रदेश फैलेगी और एक समय ऐसा आएगा जब दर्शकों की लंबी कतार देखने को मिलेगी।

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