बिना सीट बेल्ट लगाएं फर्राटे से दौड़ा रहे चार पहिया वाहन।
हरदा। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिला पुलिस द्वारा विशेष सतर्कता, सावधानी बरती जा रही है। इसके तहत बिना हेलमेट पहने, यातायात नियमों का उल्लंघन करते पकड़े जाने पर दोपहिया वाहनों के खिलाफ ताबड़तोड़ तो कार्यवाही की जा रही है। किंतु इस कार्रवाई में चार पहिया वाहन वालो को शामिल क्यों नहीं किया गया यह समझ से परे है। जबकि उनके द्वारा भी सीट बेल्ट ना लगाकर, क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाकर,शराब पीकर वाहन चलाने वाले, टेक्स न जमा कर, कागजात को दुरुस्त ना करा कर, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाए जा रहे हैं। ऐसे चार पहिया वाहनों को चेकिंग से दूर रखा गया है। यही वजह है कि अभी तक किसी के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने की खवर है। जिला पुलिस का पक्षपातपूर्ण रवैया कोतुहल एवं जिज्ञासा का विषय बना हुआ है। चार पहिया वाहन वाले ऊंची राजनीतिक एवं अधिकारी पहुंच रखते हैं कहीं इस कारण तो उनके खिलाफ कार्यवाही नहीं की जा रही। **मामला चाहे जो हो किंतु फर्राटे से यातायात नियमों का उल्लंघन करते दौड़ रहे चार पहिया वाहन वालों के खिलाफ कार्रवाई ना होने से लोगों के दिलों दिमाग में इस प्रकार का सवाल उठना लाजमी है। यदि ऐसा नहीं होता तो निश्चित रूप से अभी तक दर्जनों वाहन वालों के खिलाफ कार्रवाई हो गई होती। यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए अनेक चार पहिया वाहन स्कूली बच्चों के परिवहन का कार्य करते हैं। कई तो सिलेंडर से चल रहे हैं। स्कूली वाहन नियमों का पालन नहीं कर रहे। पहुंच ऊपर तक है। इस नाते उन्हें अभय दान दे दिया जा रहा है। आचार संहिता लागू होने पर भी ऐसे वाहनों पर शक्ति पूर्ण कार्यवाही रवैया अख्तियार नहीं किया जा रहा। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया प्रश्नचिन्ह लग रहा है। यही हाल रहा तो यह मामला तूल पकड़ सकता है। विपक्ष चुनाव आयोग तक इसकी शिकायत करने की फिराक में है।
क्या कहते हैं जवाबदार---- शहर की सड़कों की स्थिति को देखते हुए चार पहिया वाहन दो से ज्यादा नहीं रोक सकते। चार पहिया वाहन बालों की भी चेकिंग निरंतर चल रही है।उनके भी चालान काटे जा रहे है। सतीश काकोडिया यातायात थाना प्रभारी हरदा।
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