चुनाव आते ही याद आती है जनता। घड़ियाली आंसू बहाकर जनता को रिझाने की चल रही कोशिश।

मुकेश दुबे
हरदा। चुनाव आते ही नेताओं को जनता जनार्दन की याद आती है। गांव-गांव घर-घर जाकर ऐसे बातचीत कर रहे हैं जैसे सबसे बड़े हितैषी वही है। और जनता को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के ढोंग रच रहे हैं। पैर छूना, भोजन करना, चाय पीना, कच्चे मकान झोपड़ियों में बैठना ,आशीर्वाद लेना दुख दर्द में सहयोग का आश्वासन देना आदि तरह-तरह के हथकंडे मतदाताओं को रिझाने के लिए अपनाए जा रहे हैं। खराब सड़क एवं नालियों की समस्याओं को दूर करने का आश्वासन देने के अलावा हर प्रकार से मदद का आश्वासन देकर आशीर्वाद लिया जा रहा है **जिले के हरदा एवं टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में सभी प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों द्वारा ऐसा किया जा रहा है हरदा में जहां 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में वही टिमरनी में 7 प्रत्याशी। दोनों विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के नाना तरीके अपनाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर नालियों को साफ करते व मदद करते हुए फोटो डालकर मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रयास में कितना सफल होंगे यह तो भविष्य के गर्भ में है। वहारहाल चुनाव को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
** गांव-गांव घर-घर संपर्क जारी** प्रत्याशियों और उनके समर्थकों द्वारा गांव-गांव घर-घर संपर्क जारी है। देर रात तक यह सिलसिला चलता है। कहीं-कहीं तो जनता उन्हें खरी-खोटी सुनाती है। चुनाव जीतने के बाद नहीं आने और ज्वलंत समस्याओं को नहीं देखने व सुनने की बात जनता कह रही है। ऐसा माहौल देखने व सुनने को मिल रहे हैं। जागरूक जनता सब जानती हैं नेताओं के प्रलोभन को देख सुन रही है। इस बार के चुनाव में जनता किसके सिर पर हाथ रखती है इस बारे में कुछ कहना बहुत मुश्किल है। क्योंकि जनता पिछले कई दशकों से जनप्रतिनिधियों के कार्य व्यवहार को देख चुकी है। उन्हें अब नेताओं को देखने व समझने में ज्यादा दिक्कत सामने नहीं आएगी घड़ियाली आंसू बहा कर जनता को रिझाने की कोशिश करने वाले अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएंगे ऐसे आसार दिख रहे हैं।

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