पहली व दूसरी के बच्चों को अब नहीं दे सकेंगे होम वर्क। मंत्रालय द्वारा नई गाइडलाइन जारी।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा निजी स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी कि गई है। जिसके तहत जहां एक ओर बस्ते के बोझ से बच्चों को निजात मिलेगी वहीं दूसरी ओर गृह कार्य के बोझ, अतिरिक्त पुस्तकों को जबरन पढ़ने से बच्चों को राहत मिलेगी। इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर उसका पालन शत प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। * पहली और दूसरी के बच्चे होमवर्क से मुक्त* पहली और दूसरी के बच्चों को होमवर्क देकर उन पर अतिरिक्त दबाव एवं तनाव नहीं पैदा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। केवल भाषा और गणित विषय की किताबे कक्षा में पढ़ाने के निर्देश हैं। अन्य किताबें जबरदस्ती नहीं थोपने के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।इससे अभिभावकों को राहत मिलेगी। साथ ही निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों का सुखचैन छीन लिया जाता है नई गाइडलाइन के अनुसार होमवर्क नहीं दे सकते। * तीसरी से पांचवी तक एनसीआरटी की किताबें अनिवार्य* मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देश के तहत कक्षा तीसरी से पांचवी तक एनसीआरटी किताबें ही पढ़ाई जाएगी। इसके अलावा अन्य पुस्तकों के पढ़ाने पर पाबंदी लगाई गई है। निजी स्कूलों द्वारा अतिरिक्त पुस्तकों को पढ़ाने के नाम पर अंधाधुन फीस वसूली जाती है। अनिवार्य पुस्तक की पढ़ाई अनिवार्य होने से अनावश्यक वसूली पर न केवल विराम लगेगा अपितु बच्चों का तनाव एवं दबाव दोनों कम हो जायेंगे। *10वीं तक के बेग का वजन निर्धारित* मंत्रालय द्रारा बस्ते के बोझ के दुष्परिणाम को गंभीरता से लिया गया है। बोझ के कारण बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। जिसको दृष्टिगत रखते हुए कक्षा दसवीं तक के बच्चों के बस्ते का वजन निर्धारित किया गया है इससे ज्यादा वजन वाले बच्चों के स्कूल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। ** कक्षा पहली एवं दूसरे के लिए डेढ़ किलो, तीसरी से पांचवी तक 2 से 3 किलो, छठवीं से सातवीं तक 4 किलो आठवीं से नोवामी तक 4 से 5 किलो एवं दसवीं के विद्यार्थियों के लिए 5 किलो वजन वाला बैग निर्धारित किया गया है। इससे ज्यादा वजन की किताबें कापियां नहीं होनी चाहिए। इससे ज्यादा होने की स्थिति में स्कूल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। **अभिभावक कर सकेंगे शिकायत** मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों के संचालकों के खिलाफ अभिभावक शिकायत कर सकेंगे। अतिरिक्त किताबें मनमानी फीस आदि के नाम पर परेशान किया जाता है। इसी के मद्देनजर मंत्रालय द्वारा सख्त कदम उठाया गया है। निकट भविष्य में सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद लगाई गई है।

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